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यूपी बनता जा रहा गैंगरेप प्रदेश : जानिये किस शहर में फिर हुयी दो नाबालिगों से दरिंदगी …

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बुलंदशहर: इसे योगी सरकार की नाकामी कहे या प्रदेश की महिलाओ / नाबालिगों का दुर्भाग्य ? हम ऐसे प्रदेश में रह रहे है जहाँ महिला शशक्तिकरण के नाम पर सरकारे अपनी उपलब्धियों का बखान करते नहीं थकती है लेकिन जब बात महिलाओ/ नाबालिगों के प्रति अपराधो की होती है तो आकड़े कुछ और ही हालात बयान करते है. उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर एक बार फिर सुर्खियों में है और महिलाओं की सुरक्षा और यूपी को अपराध मुक्त बनाने का योगी सरकार का दावा खोखला साबित होता जा रहा है. बेलगाम अपराधी हर रोज़ नई-नई वारदातों को अंज़ाम दे रहे हैं. ताजा मामला बुलंदशहर का है, जहां दो नाबालिगों को अगवा कर गैंगरेप का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम दोनों नाबालिग शौच के लिए निकली थीं, तभी गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें अगवा कर लिया. बलात्कार के बाद दोनों को गांव से 15 किलोमीटर दूर दिल्ली-बदायूं हाइवे पर छोड़ कर दरिंदे फ़रार हो गए.

पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराने के बाद एफ़आईआर दर्ज कर ली है, लेकिन पांचों आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. दबंगों ने शौच करने गईं दो नाबालिगों को अगवा कर दूर एक स्कूल में गैंगरेप किया और देर रात दिल्ली बदायूं स्टेट हाइवे पर 15 किलोमीटर दूर छोड़ कर फरार हो गए. दोनों पीड़िता हाइवे के किनारे एक मंदिर के बाहर बैठी रहीं. सुबह 3 बजे गांव के कुछ लोगों ने बच्चियों को बैठे देख पूछताछ की तो बच्चियों ने गांव में अपने घर पहुंचाने की बात कही. गांव के लोग सुबह बच्चियों को लेकर उनके घर पहुंचे तो बच्चियों ने आपबीती सुनाई. परिजन रात को ही बच्चियों की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दे चुके थे. वारदात के बाद एक बार फिर हाइवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कि आरोपी सड़क पर दौड़ते रहे और पुलिस सोती रही. 

गौरतलब है कि बुलंदशहर में ही डाकुओं के एक समूह ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना का स्वत: संज्ञान लिया और मामले पर सुनवाई का फैसला किया।

इस मामले को एक जनहित मुकदमे के तौर पर दर्ज किया गया है और मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई की थी.