गोरखपुर हादसा : सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए मिसाल और...

गोरखपुर हादसा : सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए मिसाल और मरीजों के मसीहा बने डॉ. कफील खान

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Gorakhpur tragedy: Meet Dr Kafeel Khan, the hero who saved the lives of countless children

गोरखपुर: डॉक्टर साहब इन्सेफेलाइटिस रोग के विशेषज्ञ हैं. डॉक्टर कफील पूरी रात शासन-प्रशासन से ऑक्सीजन के सिलेंडर मुहैया कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन कुछ नहीं हो सका. ऑक्सीजन खत्म होते ही बच्चों की सांसें थमने लगी. लगभग दो दिनों के भीतर 30 बच्चों की मौत की घटना के बाद पूरा देश शासन-प्रशासन से जवाल पूछ रहा है. सरकारी अमला अपनी गलती छुपाने और खुद की गर्दन बचाने के प्रयास में हैं. इतनी बड़ी हृदय विदारक घटना के बाद सोशल मीडिया पर पूरे देश से लोग सवाल पूछ रहे हैं. वहीं इस अफरातफरी के माहौल में एक शख्स ऐसा है जिसे मरने वाले बच्चों के परिजन तक मसीहा मान रहे हैं.

इन्सेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चों के परिजन इसी शख्स से उम्मीदें लगाए हुए है. यह शख्स कोई और नहीं बल्कि इसी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कफील खान हैं.  

डॉक्टर कफील आनन-फानन में अपने दोस्त के निजी क्लिनिक में पहुंचे. यहां से ऑक्सीजन का तीन जंबो सिलेंडर लेकर के सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे. फटाफट ऑक्सीजन का सिलेंडर पाइप से जोड़ा गया और मौत से जूझ रहे बच्चों को राहत मिल गई. इतने सारे बच्चों के बीच महज तीन सिलेंडर कितनी देर चलता, सुबह होते-होते ऑक्सीजन फिर से खत्म हो गया, स्थानीय अखबारों में छपी खबरों कि माने तो गुरुवार की रात करीब 2 बजे अस्पताल से फोन आया कि ऑक्सीजन खत्म होने को है. उस वक्त अस्पताल में  इन्सेफेलाइटिस से पीड़ित करीब 400 बच्चे भर्ती थे. यह शब्द सुनते ही कफील खान हड़बड़ा गए और अपने ड्राइवर को जगाया. लोग बताते हैं कि अगर कफील खान घर जाने के लिए गाड़ी में बैठ भी जाएं और किसी मरीज का परिजन उनके सामने आ जाए तो वे वहीं रुक जाते हैं और इलाज करके ही घर लौटते हैं.