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आतंकवाद से जंग के साथ एक दूसरे के रणनीतिक हितों की रक्षा करेंगे भारत इजरायल

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्र के दूसरे दिन बुधवार को दोनों देशों के बीच जल और कृषि क्षेत्र समेत सात समझौते हुए. इसमें दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ साझा जंग का ऐलान किया. पाकिस्तान की ओर परोक्ष इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत सीधे तौर पर आतंकवाद के खतरे और हिंसा का सामना कर रहा है, लिहाजा दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक हितों की रक्षा करेंगे. वहीं, नेतन्याहू ने कहा कि आतंकी ताकतें हमें चुनौती दे रही हैं और इस मामले में हम कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे. दोनों देशों के बीच चार करोड़ डॉलर के भारत-इस्राइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास तथा तकनीकी नवोन्मेषण कोष की स्थापना के लिए सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमारा विचार है कि साथ मिलकर हमारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस क्षेत्र में आपसी लाभ के समाधान का विकास, निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकते हैं.’ मोदी ने कहा, ‘औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए इस चार करोड़ डॉलर के द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण कोष से हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. ‘ उन्होंने कहा कि हम दोतरफा व्यापार और निवेश के प्रवाह को अपनी मजबूत भागीदारी का आधार मानते हैं.’ प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मेरे बीच इस दिशा में और काम करने पर सहमति बनी है. इन प्रयासों में दोनों देशों की कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.’

जल क्षेत्र में दो समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं. इनके तहत दोनों पक्ष जलसंरक्षण और भारत में राज्यों में सरकारी जलापूर्ति निकायों के कामकाज में सुधार के लिए सहयोग करेंगे. मोदी ने कहा कि नवोन्मेषण, जल एवं कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्राइल अग्रणी देश है. भारत के विकास में ये मेरे प्राथमिकता के क्षेत्र हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.’ कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.